नि:शुल्क वास्तु टिप्स पर आपका स्वागत है...


जिन्दगी में आने वाली समस्याओ से बचने के लिए नि:शुल्क वास्तु टिप्स या टोटके इस साईट पर प्राप्तकरे...
आपके सवालों के यहाँ नि:शुल्क जबाब भी दिए जायेगे।

ईश्वर आप सब का कल्याण करे !!!
Showing posts with label लाल किताब. Show all posts
Showing posts with label लाल किताब. Show all posts

लाल किताब,शनि एवं वास्तु विचार...

लाल किताब में वास्तु अर्थात भवन या मकान का कारण ग्रह शनि है |किसी कि जन्कुंडली में शनि उच्च का हो तों उसे भवन सुख मिलता है |इसके विपरीत शनि,नीच,अस्त या श्रीण शत्रु ग्रहों से युक्त हो तों जातक को मकान सुख से वंचित रखता है |किसी भी जन्कुंडली में भारतीय ज्योतिषानुसार चतुर्थ स्थान मकान कारक माना  गया है |लेकिन लाल किताब में मकान का कारक द्रितीय स्थान या दूसरे घर को माना  गया है |सांतवे भाव से भवन के सुख दुःख का विचार किया जाता है |
मनुष्य पर ग्रहों का शुभाशुभ प्रभाव पड़ता है और लाल किताब में ग्रहों को जजों कि संज्ञा दी गयी है |इसमें भी शनि को मुख्य न्यायाधीश माना गया है |अत शनि का भावानुसार शुभाशुभ फल प्रथम बतलाय जा रहे हैं |किसी भी व्यक्ति द्वारा जब स्वयम का मकान बनाया जाता है तों मकान बनाने के प्रारंभिक ३ से १८ वर्षों के दौरान शनि का उस भवन पर शुभाशुभ प्रभाव पड़ता है,जिससे व्यक्ति का जीवन भी प्रभावित होता है |


  • लाल किताब के अनुसार जन्कुंडली में यदि शनि पहले घर में हो और सांत्व व दसवां घर खाली हो तों शुभ फलों कि प्राप्ति होती है |वरना वः लोगों का ॠणी हो जाता है |
  • यदि शनि दूसरे स्थान में हो तों व्यक्ति मकान का निर्माण मध्य में न रोकें |ऐसा करने से वो सुखी रहेगा वरना उप परिणाम भुगतने पढ सकते हैं |
  • यदि शनि तीसरे घर में हो तों व्यक्ति मकान बना लेने के बाद तीन कुत्ते पाले |ऐसा करने से व्यक्ति सुखी रहेगा वरना दुःख भोगने होंगे |
  • यदि शनि चौथे घर में हो तों व्यक्ति किराए के मकान में रह ले,व्ही अच्छा है|क्यूंकि निजी मकान बनवाने से सास,माँ,मामा,दादी आदि को कष्ट उठाने होंगे |
  • यदि शनि पांचवे घर में हो और व्यक्ति निजी मकान बनवाय तों संतान को पीड़ा रहेगी |इसके विपरीत यदि संतान्द्वारा निर्मित मकान में रहे तों ठीक रहेगा |व्यक्ति स्वयम का मकान यदि बनवाय तों ४८ कि उम्र पार करके ही बनवाए |मकान बनवाने से पहले खुदाई के समय या उससे पहले पूजन करके छोड़ दे इसे अशुभ फल नष्ट हो जायेंगे |
  • यदि शनि छठे घर में हो तों व्यक्ति ३६ से ३९ कि उम्र होने पर ही मकान बनवाए अन्यथा बेटी कि ससुराल में परेशानी उत्पन्न हो जायेगी |
  • यदि शनि सांतवे घर में हो तों व्यक्ति मकान बनवाने पर सुखी रहता है |तथा वह एक के बाद एक मकान बनाता रहता है |या बना हुआ ही खरीदता रहता है |ऐसा तभी होता है जब शनि शुभ हो |वरना अपना भी मकान बेचना पड़ता है |
  • यदि शनि आठवे घर में हो व्यक्ति मकान बनाने लगे तों उसे कई समस्यायों का सामना करना पड़ता है|वह कष्ट में रहता है |लेकिन अगर राहू-केतु शुभ हों तों अच्छे फल भी मिलते है |
  • यदि शनि नवें घर में हो तों व्यक्ति मकान बनाना तब प्रारंभ करे जब घर में कोई स्त्री गर्भ से हो|ऐसा व्यक्ति मकान निर्माण में अपना पैसा लगायेगा तों पिता कि मौत देखेगा |इसका हल है कि अपना पैसा ॠण चुकाने में ही प्रयोग करे |मकान एक या दो ही बनाए |
  • यदि शनि दसवें घर में हो और उसे अपना मकान बनाकर रहे तों उसे सुख प्राप्त नहीं होता |अपने मकान में जाते ही वह दरिद्र हो जाता है|इससे अच्छा यही है कि वह किराए के मकान में रहे |
  • यदि शनि ग्यारहवें घर में हों तों व्यक्ति बुदापे में मकान बनवाता है |
  • यदि शनि बारहवें घर में हो तों व्यक्ति को आयातकार मकान बनवाना शुभ रहेगा |मकान बनवाते समय अनेक दीक्क्तों का सामना करना पड़ता है |अत:धीरे-धीरे बनवाने में ही फायदा है |लें बनवाता रहे |निर्माण कार्य रोके नहीं |

मकान के दरवाजे का फल:

  • पूर्व दिशा :यदि मकान का दरवाजा पूर्व दिशा में हो तों शुभ रहता है |ऐसे घर में विशवास पात्रों का आगमन होता रहता है |पश्चिम दिशा में ठीक सामने दरवाजा रखें |
  • उत्तर दिशा:यदि मकान का दरवाजा उत्तर दिशा में है तों यात्राएं लंबी होती है और फलदायी होती है |वचार भी आध्यात्मिक व पवित्र होते है |
  • पश्चिम दिशा:यदि मकान का दरवाजा पश्चिम दिशा में है तों भी शुभफल देने वाला होता है व्यक्ति धीरे धीरे आगे बड़ता है |परन्तु खतरा नही रहता है |
  • दक्षिण दिशा :यदि मकान का दरवाजा दक्षिण दिशा में हो तों यह अशुभ होता है |उस घर का मालिक खुद भी दुखी रहता है और उस घर में रहने वाली औरतें भी दुखी रहती हैं |दक्षिण दिशा के दरवाजे वाले मकान में कायदे क़ानून के विरुद्ध कार्यों का दब दबा रहता है |ऐसे मकान के अशुभ प्रभाव को खतम कर शुभ में बदलने के लिए दान में बकरी देनी चाहिए |और बुध ग्रह कि चीज़े और साबुत मुंग,मुंग छिलका,टोपी,बक्सा,मिटटी के बर्तन भी दान में देने चाहिए |

कुछ महत्वपूर्ण बातें:

लाल किताबअनुसार जो मकान पुष्य नक्षत्र से बनना शुरू होकर पूरा भी इसी नक्षत्र में हो तों अति शुभ होता है |लेकिन शुभ समय में वास्तु पूजन अवश्य करवाना चाहिए|
मकान के दायीं और अंधी कोठरी बनवाएं अर्थात प्रकाश कि व्यवस्था वहाँ न करें|दरवाजे का प्रकाश व हवा ही ठीक है |इससे ज्यादा प्रकाश तबाही का कारण होता है |
लाल किताब के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा में चाँद  का स्थान होता है|अत:वहाँ भारी सामान रखने से अहुभ फल मिलता है |
किसी भी मकानमें दक्षिण कि दीवार कि और एक कटोरी में दिन,कपूर व घी रखें जिससे धन व स्त्री धन महत्वपूर्ण रहेगा |






लाल किताब के टोटके..

निःशुल्क वास्तु टिप्स अपने पाठकों के लिए पेश करता है.. चमत्कारी लाल किताब के टोटके उनकी राशिओं के साथ, जिससे राशि विशेष के लोग अपनी राशि के अनुसार टोटके जान कर, ग्रहों के बुरे प्रभाव से बच सकें

  • मेष राशि (मार्च २१ - अप्रैल १९)
  1. किसी से मुफ्त में कुछ न लें।
  2. हाथीदांत से बनी हुई कोई चीज़ न पहने।
  3. अपने बच्चे के जन्मदिवस पर नमकीन वस्तुएं बाँटें।
  4. विधवाओं की बिना किसी स्वार्थ के मदद करे।
  5. लाल चादर पर सोयें।
  6. हमेशा अपनों से बड़ों का आशीर्वाद लें।
  7. मेहमानों को मिठाई जरूर खिलाएं।
  • वृष राशि (अप्रैल २० - मई २० )
  1. झूठे वादे न करें।
  2. रोज़ कोई एक अच्छा काम करें।
  3. बैठक कमरे (लिविंग रूम ) में मनी-प्लांट लगायें।
  4. किसी पराई स्त्री से बुरे सम्बन्ध न रखें।
  5. चांदी का सिक्का या चेन अपने पास रखें।
  6. दूसरो को अनावश्यक परेशान न करें।
  7. रोज़ शाम को घी का दीपक जलाएं।
  • मिथुन राशि (मई २१ - जून २०)
  1. अपने घर में कोई पक्षी न पालें।
  2. अपने घर में मछली न पालें।
  3. ज्यादा मसालेदार खाना न खाएं।
  4. दरवाजे के पास मनी-प्लांट न लगायें।
  5. चमड़े की जैकेट न पहने।
  6. हरे रंग का उपयोग न करें।
  • कर्क राशि (जून २१-जुलाई २२ )
  1. किसी भी धार्मिक स्थान पर नंगे पैर जाएँ।
  2. २८ वर्ष पूर्ण होने पर ही विवाह करें।
  3. माँ के हाथो से चावल या दही खाकर ही किसी यात्रा प्रारम्भ करें।
  4. मन्दिर में राजमा के बीज रखें।
  5. बेटियों को दही, चावल या ढूध दें।
  6. अपने दिमाग या दिल की बातें किसी के साथ सांझा न करें।
  7. माँ की आज्ञा की अवज्ञा न करें।
  • सिंह राशि (जुलाई २३ - अगस्त २२ )
  1. किसी से मुफ्त में कुछ न लें।
  2. यात्रा के समय अपने मुह में कोई मीठी वस्तु रखें।
  3. मधपान और मांस का सेवन न करें।
  4. दादी माँ से आशीर्वाद लें।
  5. आग को दूध से बुझायें।
  6. रात को दो रोटियाँ आग में जलाएं।
  • कन्या राशि (अगस्त २३ - सितम्बर २२ )
  1. काले रंग का अंडरवियर पहनें।
  2. किसी बोतल में बारिश का पानी एकत्र करें।
  3. तुलसी का पौधा अपने घर में न लगायें।
  4. बुधवार को दिन में कोई नमकीन चीज़ न खाएं।
  5. साबुत मूंग या साग बारिश के पानी में बहाए।
  6. अपने दिए गए वादों या शब्दों से कभी मुह न मोडें।
  • तुला राशि (सितम्बर २३ - अक्तूबर २२)